वर्तमान भारतीय समाज में शंकराचार्य की आवश्यकता By Editorial Team

भारतीय समाज में वेदान्त को फिर से प्रतिष्ठापित करने के लिये आदि शंकराचार्य ने 8वीं शताब्दी में देश के चार कोनों में अपने चार मुख्य शिष्यों के नेतृत्व में चार पीठों की स्थापना की थी। आदि शंकर ने पहली पीठ देश के दक्षिणी कोने में...


जिंदगी को रफ़्तार दे रहे चिकित्सक By Editorial Team

कोरोना वायरस यानि कोविड -19 के संक्रमण का पूरी दुनिया पर कहर टूट पड़ा है। यह महामारी चीन के वुहान शहर से निकलकर पूरी दुनिया में फैल गई। वायरस से हजारों लोंगो की जिंदगी खत्म हो गई तो वहीं, बाकि लोगों की जिंदगी मानों...


कोरोना काल: परस्थिति का स्थिति पर प्रभाव By Editorial Team

जैसा कि विश्व विदित है कि अक्सर बीमारी अकेली नहीं होती बीमारी के साथ मृत्यु और मृत्यु के साथ भय बतौर साथी होते है जबकि भय किसी शरीर को नहीं ले जाता बल्कि शरीर स्वयं भय के साथ चला जाता है।  तो आज भी...


कोरोना वायरस | बदली-बदली सी है जिन्दगी By Editorial Team

कोरोना वायरस : बदली-बदली सी है जिन्दगी

तुझसे नाराज नहीं जिंदगी.. हैरान हूं मैं, हैरान हूं मैं……गुलजार साहब के लिए ये शब्द आज के समय में प्रत्येक इंसान के भाव हो सकते हैं। क्योंकि हंसती मुस्कुराती अपनी रफ़्तार से चलती आ रही ये जिंदगी आजकल बहुत...