The Wordsworth of Hindi Literature |Sumitranandan Pant By Editorial Team

Published On: October 16, 2017
h3>By Priyanjali Bhalla

         स्तब्ध ज्योत्स्ना में जब संसार,

         चकित रहता शिशु सा नादान,

         विश्व के पलको पर सुकुमार,

         विचरते हैं जब ,स्वप्न अजान,

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