वर्तमान भारतीय समाज में शंकराचार्य की आवश्यकता By Editorial Team

Published On: November 5, 2020

भारतीय समाज में वेदान्त को फिर से प्रतिष्ठापित करने के लिये आदि शंकराचार्य ने 8वीं शताब्दी में देश के चार कोनों में अपने चार मुख्य शिष्यों के नेतृत्व में चार पीठों की स्थापना की थी। आदि शंकर ने पहली पीठ देश के दक्षिणी कोने में...


Shankaracharya and his last days in Uttarakhand By Editorial Team

Published On: September 21, 2020

It is impossible to discuss Hinduism without highlighting the role of Adi Shankaracharya. Besides championing the philosophy of Advaita Vedanta, he restructured the ancient Sanyasa order. He promoted the idea of the unification of the self (atman) with the supreme soul (nirguna brahman). His...


जिंदगी को रफ़्तार दे रहे चिकित्सक By Editorial Team

Published On: September 13, 2020

कोरोना वायरस यानि कोविड -19 के संक्रमण का पूरी दुनिया पर कहर टूट पड़ा है। यह महामारी चीन के वुहान शहर से निकलकर पूरी दुनिया में फैल गई। वायरस से हजारों लोंगो की जिंदगी खत्म हो गई तो वहीं, बाकि लोगों की जिंदगी मानों...


जागर-एक अद्भुत रचना By Editorial Team

Published On: December 16, 2019

जागर का शाब्दिक अर्थ है जागृत करना। जागर का अभिप्राय है अपने इष्ट देव, पित्र देवों का आह्वान करना, वाद्ययंत्रो की ध्वनि के साथ  ध्वनि मंत्रो का उच्चारण करना। मान्यतानुसार देवी देवता सुमिरन करने पर किसी पर प्रकट होते हैं।वह अपनी इच्छा, वेदना, उपाय अपने...


Agro Business Model of Himachal v/s Uttarakhand By Editorial Team

Published On: December 5, 2019

Uttarakhand and Himachal Pradesh, two neighbors in the Himalayan region, bestowed with wonderful gifts of nature.  Demographically and topographically indistinguishable, they are also very comparable in terms of geographical area, forest cover and climate. Despite all these similarities, the state of Himachal ranks fourth...