वर्तमान भारतीय समाज में शंकराचार्य की आवश्यकता By Editorial Team

भारतीय समाज में वेदान्त को फिर से प्रतिष्ठापित करने के लिये आदि शंकराचार्य ने 8वीं शताब्दी में देश के चार कोनों में अपने चार मुख्य शिष्यों के नेतृत्व में चार पीठों की स्थापना की थी। आदि शंकर ने पहली पीठ देश के दक्षिणी कोने में...


कोरोना वायरस | बदली-बदली सी है जिन्दगी By Editorial Team

कोरोना वायरस : बदली-बदली सी है जिन्दगी

तुझसे नाराज नहीं जिंदगी.. हैरान हूं मैं, हैरान हूं मैं……गुलजार साहब के लिए ये शब्द आज के समय में प्रत्येक इंसान के भाव हो सकते हैं। क्योंकि हंसती मुस्कुराती अपनी रफ़्तार से चलती आ रही ये जिंदगी आजकल बहुत...


बसंत के स्वागत का पर्व ‘फूलदेई’ By Editorial Team

‘फूलदेई’ – चला फुलारी फूलों कु, सौदा सौदा फूल बिरोला…

नरेंद्र सिंह नेगी द्वारा लिखा यह गीत बताता हैं उत्तराखंड के प्रसिद्ध त्योहारों में से एक ‘फूलदेई’ की महत्ता और उसकी आज की स्थिति। फूलदेई लोकपर्व इंसान और प्रकृति के बीच सामंजस्य का त्योहार हैं।

जिस...